पिंकी: बाबा ने की प्राणो की रक्षा
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Devotee Experience - Pinky से अनुवाद
दिन-प्रतिदिन शिर्डी साईं बाबा के भक्तों की संख्या बढ़ रही है। इस विज्ञान और तकनीक के युग में भी उनकी लीलाओं के कारण ही भक्तों का विश्वास बढ़ रहा है। भक्तों के अनुभव पढने के बाद, भले ही वे साईं लीला मैगज़ीन से हों या जो भक्त मुझे मेल करते हैं वे हों, मुझे लगता है कि बाबा स्वयं हमें उनकी उपस्थिति का एहसास कराते हैं। इससे पता चलता है कि वे पहले की तरह ही हमारे साथ हैं। इससे मुझे याद आया कि बाबा का सम्बन्ध शामा के साथ 72 जन्मों का था ।
मुझे ऐसा लगता है कि हम सबका भी बाबा के साथ पुराना नाता रहा है तभी हम सब एक जुट होकर किसी न किसी प्रकार साथ हैं। साईं भक्त पिंकी का यह अनुभव ह्रदय को धड्काने वाला है।
(उन्होंने लिखा है)
हेतल जी,
मैं बाबा की लीला का अनुभव पहली बार लिख रही हूँ। कृपया इसे अन्य सभी साईं भक्तों तक पहुंचाएं। यह पहली बार है जब मैं साईं बाबा की लीला का अनुभव लिख रही हूँ । पहले मैं साईंनाथ में विश्वास नहीं करती थी। दरअसल मैं बाबा के बारे में जानती ही नहीं थी, मेरे एक साईं भक्त दोस्त के कारण मैंने बाबा के बारे में जाना। मैं हमेशा सोचती थी कि जो भी हमारे जीवन में होता है वह हमारे भाग्य के कारण होता है लेकिन मेरी यह सोच पूरी तरह अब बदल गई है।
अब मुझे प्रबल विश्वास है की जो भी होता है वह बाबा की इच्छा से होता है। हम सोचते हैं कि हमारे साथ बोहुत बुरा हुआ किन्तु हम ये भूल जाते है की सब कुछ बाबा को ज्ञात होता है, वे सर्वशक्तिमान है और साईं की दृष्टी सदैव हम पर रहती है। वे स्वयं हमारे दुःख लेकर हमें ख़ुशी और स्वास्थ्य प्रदान करते हैं। मैंने हमेशा ही बाबा की कृपा का अनुभव पाया है। बाबा ने कई बार मेरा जीवन बचाया है। मैं आज जीवित हूँ तो बाबा के ही कारण। सभी साईं भक्तों के साथ मैं अपना एक अनुभव साझा करती हूँ।
एक बार हम आधिकारिक यात्रा (official trip)पर नैनीताल गये। हम लोग तवेरा कार में थे और वापस आते हुए बारिश के कारण सड़क बहुत ही फिसल रही थी और रात के 12.30 बजे थे। हम सभी 9 व्यक्ति तवेरा में थे, सड़क भी बहुत ही ख़राब थी, और अचानक ड्राईवर ने संतुलन खो दिया और तवेरा पूरी तरह पलटने ही वाली थी, यदि यह हो जाता तो हमारे साथ बहुत बुरी दुर्घटना हो जाती। लेकिन बाबा हमारे साथ थे इसलिए तवेरा थोड़ी सी झटके के साथ हिली और वहीँ रुक गई। सड़क पर अन्य यात्रियों की सहायता से हम सभी धीरे धीरे गाडी से बहार आये। उस दिन बाबा ने न केवल मेरी बल्कि मेरे दोस्तों की भी ज़िन्दगी बचाई।
मैं पूरे सच्चे मन बाबा से प्रार्थना करती हूँ। वे हमारे रक्षक हैं, हमारी माता हैं। तब मुझे आभास नहीं हुआ था कि हमें बाबा ने बचाया है लेकिन अब मै बाबा के प्रेम और ममता को समझ गई हूँ। अब मुझे उन पर दृढ़ विश्वास है। मैं धीरे-धीरे बाबा की लीलाओं को समझने लगी हूँ। बाबा सभी की सदा रक्षा करें।
ॐ साईं राम
पिंकी अहलावत
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